Story Behind “Yaadon Ka Dakghar”

A very special book “Yaadon Ka Dakghar” is releasing on this 1st November 2020. The hindi-urdu poetry collection of debutant Aarti Siddhpura is a house of emotions, ‘A Dakghar’ as she calls it. Here is the story behind choosing this title, in her own words…

बात जब जज़्बात की आती है तो सब चीज़ें फीकी लगने लगती हैं। शायद दुनिया में सबसे ज़्यादा पावरफुल एनर्जी इमोशन ही है। मैं हर रोज़ कुछ न कुछ अपनी डायरी में लिखती थी और लिखते लिखते आज आपके सामने ‘यादों का डाकघर’ के रूप में वह प्रस्तुत है। 

बुक के रूप में प्रकाशित करने से पहले ‘यादों की डायरी’ नाम मुझे अच्छा लगा था। पर हर कविता या शायरी में एक छिपा हुआ संदेश होता है। तो उस छिपे संदेश को मैं आप सबसे अभिव्यक्त करना चाहती थी। फिर खत शब्द ज़हन में आया और ख़त मंज़िल तक पहुंचने से पहले डाकघर में कुछ समय बिताता है। इसलिए ‘यादों के ख़त का डाकघर’ यह नाम दिल को छू गया और फिर थोड़ा और सोचने पर ‘यादों का डाकघर’ टाइटल बना। शब्दों में भाव आ जाएं तो कविता बन जाती है और वही कविता हमारे लिए प्रेरणा भी बनती है। ऐमज़ॉन और राईटर्सग्राम पर ‘यादों का डाकघर’ प्री-ऑर्डर के लिए उपलब्ध है। ऑर्डर कीजिए, पढ़िए और अपने अमूल्य प्रतिभाव देना न भूले। 

धन्यवाद 

– आरती सिद्धपुरा

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